रामायण कालीन धार्मिक स्थल सीताकुंड, जो मां सीता की अग्निपरीक्षा का साक्षी रहा है, अब पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान बनाने जा रहा है। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल को विकसित करने के लिए 6.98 करोड़ रुपये की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 3.49 करोड़ रुपये की राशि भी निर्गत कर दी गई है।मुंगेर मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर सदर प्रखंड क्षेत्र में स्थित सीताकुंड, न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक रहस्यों और इतिहास से भी समृद्ध है।
मान्यता है कि यहीं मां सीता ने अग्निपरीक्षा दी थी। आज भी यहां गर्म पानी का कुण्ड विद्यमान है, जो इस स्थान की आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता है। इसके अलावा, राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के नाम पर चार अन्य कुंड हैं, जिनमें ठंडा पानी बहता है – यह एक अनोखा प्राकृतिक संगम है।हर साल माघ महीने में यहां मेला आयोजित होता है, जो एक माह तक चलता है और जिसमें बिहार ही नहीं, देश के अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
यह मेला इस स्थल की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।अब तक यह स्थल अपेक्षित विकास से वंचित था, लेकिन बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के प्रयासों से इसे नया जीवन मिलने जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “राज्य सरकार धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की विरासत को संरक्षित करते हुए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीताकुंड का विकास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”प्रस्तावित विकास कार्यों में शामिल हैं:भव्य प्रवेश द्वार का निर्माणशौचालय ब्लॉक और दुकानों की व्यवस्थाचहारदीवारी और पार्किंग क्षेत्र का विकासपूरे स्थल का साइट समग्र विकासकुण्ड के चारों ओर सीढ़ियों का निर्माण और अन्य आवश्यक संरचनाएंयह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरी की जाएगी, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।
स्थानीय लोगों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा है कि वर्षों से यहां श्रद्धालु आते रहे हैं, परंतु अब इस धार्मिक धरोहर को जो पहचान मिलेगी, उससे पर्यटन को नई उड़ान और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।सीताकुंड, जहां आस्था, इतिहास और प्रकृति का संगम होता है, अब बनने जा रहा है बिहार पर्यटन का चमकता सितारा।
मुंगेर से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट
