February 20, 2024

मंत्री रामेश्वर उरांव के बिगड़े बोल, कहा- सिर्फ बिहार की भाषा है भोजपुरी और मैथिली, झारखंड की नहीं

लोहरदगा. झारखंड सरकार में वित मंत्री मंत्री रामेश्वर उरांव ने क्षेत्रीय भाषा (Regional Language of Jharkhand) को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने मीडियाकर्मियों के एक सवाल पर कहा कि मैथिली और भोजपुरी (Maithili and Bhojpuri) बिहारियों की भाषा है न की झारखंड के लोगों की. ऐसे में झारखंड की सरकार स्थानीय भाषा और परंपरा को ध्यान में रखकर नियम बनाएगी न कि बिहार को ध्यान में रखकर फैसले लेगी. दरअसल रविवार को वित मंत्री सह लोहरदगा विधायक डा रामेश्वर उरांव जिले के बरवा टोली स्थित अपने कार्यालय पहुंचे थे. इस दौरान वह लोगों की समस्याएं सुनकर उसके समाधान पर चर्चा कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार के मुद्दे पर कार्य कर रही हैं और एक सटीक नियमवाली बनाकर झारखंडी अभ्यर्थियों के लिए विज्ञापन निकाला है.
वहीं जब मीडियाकर्मियों ने क्षेत्रीय भाषा पर विवाद होने को लेकर उर्दू और मैथिली भाषा से जुड़ा सवाल किया तो रामेश्वर उरांव ने कहा कि उर्दू को तो छोड़ दीजिए यह भाषा हमारी बिहार के समय से ही दूसरी भाषा है, अगर बात मैथिली की है तो मिथिला बिहार में है ये बिहार की भाषा है, उसी प्रकार भोजपुरी भोजपुर की भाषा है और भोजपुर बिहार में है. मैथिली और भोजपुरी बिहार की भाषा है. ऐसे में झारखंड सरकार यहां के लोगों ध्यान में रखकर नियमावली बनाएगी.

मैथिली को क्षेत्रीय भाषा में नहीं शामिल करने पर विरोध
रामेश्वर उरांव ने कहा कि स्थानीय भाषा और परंपरा को ध्यान में रखकर नियम बनाए गए हैं. हमारी झारखंड की क्षेत्रीय भाषा कुड़ूख, नागपुरी, मुंडारी, संथाली, खोरठा इत्यादि भाषा है उन्हे प्रथिमिकता मिलेगी. इधर क्षेत्रीय भाषाओं में मैथिली को शामिल नहीं करने पर विपक्षी दल और छात्र संगठनो ने विरोध शुरू कर दिया झारखंड के बहुत से हिस्से में मैथिली भाषा बोली जाती हैं और छात्र इसकी मांग कर रहे हैं. लेकिन, इसे हटा दिया गया है, जिसके बाद वित मंत्री डा रामेश्वर उरांव का यह बड़ा बयान सामने आया है.

हेमंत सोरेन ने भी दिया विवादित बयान
बता दें, कुछ महीने पहले ही सीएम सोरेन ने भी भोजपुरी और मगही भाषा को लेकर बयान दिया था. उन्‍होंने कहा था कि इन दोनों भाषाओं को बोलने वाले डोमिनेटिंग लोग हैं. ‘भोजपुरी और मगही बिहार की भाषा है, झारखंड की नहीं. झारखंड का बिहारीकरण क्‍यों किया जाए? महिलाओं की इज्‍जत लूटकर भोजपुरी भाषा में गाली दी जाती है.

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