कई जिलों में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ेगी कैबिनेट की मंजूरी; सरकार उठाएगी परियोजना लागत का 25%, यात्रियों को नजदीकी शहरों तक मुफ्त पिकअप-ड्रॉप की सुविधा
Desk, Patna : बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 5 नए एयरपोर्ट और 9 हेलीपोर्ट विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को हवाई सेवा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
नए एयरपोर्ट किशनगंज, छपरा (सारण), उलाव (बेगूसराय), फारबिसगंज (अररिया) और सबेया (गोपालगंज) में प्रस्तावित हैं। वहीं हेलीपोर्ट औरंगाबाद, बांका, जमुई, कटिहार, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय और सीतामढ़ी में बनाए जाएंगे।
यह योजना संशोधित उड़ान योजना के तहत चैलेंज मोड में आगे बढ़ाई जाएगी। राज्य सरकार परियोजना की कुल लागत का 25 प्रतिशत वहन करेगी। उड़ानों के संचालन के दौरान प्रचार-प्रसार के लिए हर साल 10 लाख रुपये तक खर्च करने का भी प्रावधान है। सरकार एयरलाइन और संबंधित एजेंसियों को टैक्स में छूट तथा वित्तीय सहायता भी देगी।
यात्रियों के लिए भी एक खास सुविधा प्रस्तावित है। एयरपोर्ट और हेलीपोर्ट से आसपास के शहरों तक मुफ्त पिकअप और ड्रॉप की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इससे उन जिलों के लोगों को फायदा हो सकता है जहां फिलहाल बड़े एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए लंबी सड़क यात्रा करनी पड़ती है।
परियोजनाओं को PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित करने की योजना है। हालांकि, अभी इन सभी एयरपोर्ट और हेलीपोर्ट के निर्माण की अंतिम समयसीमा तथा नियमित उड़ानों के रूट और शेड्यूल की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे मंजूर की गई विकास योजना के तौर पर देखना सही होगा, न कि तुरंत शुरू होने वाली हवाई सेवाओं के रूप में।
सरकार का दावा है कि इस विस्तार से बिहार में क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होगा और व्यापार, पर्यटन तथा रोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। अब इस योजना की अगली महत्वपूर्ण कड़ी जमीन, निर्माण और एयरलाइनों के साथ रूट तय करने की प्रक्रिया होगी।
