बिहार के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खान आज एक विशेष और व्यक्तिगत दौरे पर पूर्वी चंपारण पहुंचे। यह दौरा किसी सरकारी कार्यक्रम के तहत नहीं, बल्कि उनके पुराने मित्र और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सहपाठी इंजीनियर परवेज के आमंत्रण पर हुआ।राज्यपाल का यह दौरा राजनीति या प्रशासनिक दायरे से बाहर निकल कर एक भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक संदेश देने वाला साबित हुआ। वे सीधे परवेज के गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अपने दोस्त से मुलाकात कर छात्र जीवन की यादों को ताज़ा किया।
गांव पहुंचते ही परवेज और उनके परिवार ने राज्यपाल का आत्मीय स्वागत किया। परवेज ने उन्हें पारंपरिक अंदाज में सम्मानित किया, और राज्यपाल ने भी सादगी के साथ पूरे गांव के लोगों से मुलाकात की।गांव के लोगों से बातचीत करते हुए राज्यपाल न केवल सहज और आत्मीय नजर आए, बल्कि उन्होंने गांव के हर कोने में जाकर लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया।
मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने कहा,“हमारी इच्छा थी कि शहरी जीवन से थोड़ा बाहर निकलकर ग्रामीण परिवेश को नजदीक से महसूस किया जाए। इसी दौरान मित्र का आमंत्रण मिला, जिसे हमने सहर्ष स्वीकार कर लिया। भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, इसके लिए जरूरी है कि हम सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करें।
इस अवसर पर राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे संवैधानिक पद पर हैं और राजनीति से जुड़ी टिप्पणियों पर टिप्पणी करना उनका दायित्व नहीं। दरअसल, उनसे मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर सवाल पूछा गया था।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट
