जब आंखों में अरमान लिया, मंजिल को अपना मान लिया, है मुश्किल क्या और आसां क्या… जब ठान लिया तो ठान लिया। अगर वाकई इन लाइन का मतलब जानना है, तो अमन से मिलिए। जिसने ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान अपना ऑपरेशन करवाया है। यह ऑपरेशन 45 मिनट तक चलता रहा। इस वाक्या को देखकर ऑपरेशन थिएटर के डाक्टर भी हैरान रहे। जरा सा भी चेहरे पर सिकन देखने को नहीं मिली। दरअसल पुरा वाक्या मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच ऑपरेशन थिएटर का है। बताया जा रहा है शिवहर जिले के तरियानी छपरा गांव के अमन को बचपन से कमर के नीचे सुजन था। डॉक्टरों से संपर्क के बाद
डॉक्टर ने उन्हें बताया कि अनमोल को हर्निया है। लेकिन वो अभी छोटा है। जिस कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो सकता है। जब वो 10 साल का हो जाएगा तब उसका ऑपरेशन होगा। अनमोल जब 10 साल का हो गया, तब उसके पिता प्रमोद कुमार ने एसकेएमसीएच में भर्ती करवाया। जिसके बाद उसका ऑपरेशन हुआ। उस दौरान अनमोल ने डॉक्टर से बोला कि वो मोबाइल पर पढ़ाई करना चाहता है। जिसके बाद उसे मोबाइल दिया गया। करीब 45 मिनट तक ऑपरेशन की प्रक्रिया हुई। इस दौरान वो गणित विषय की पढ़ाई करता रहा।
मां सहेली देवी ने बताती है अनमोल को बच्चों से हर्निया की परेशानी थी। जब अनमोल तीन महीना का था, तब उनको पता चला। अनमोल बचपन से ही पढ़ाई में बहुत अच्छा है। वो हमेशा फर्स्ट रैंक लाता है। गांव के ही सरकारी विद्यालय में पढ़ाई करता हैं। अनमोल दो बहन और दो भाई है। अनमोल तीसरा नंबर पर है। शिशु सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ आशुतोष कुमार ने बताया बच्चा की उम्र 10 साल है। उसको बचपन से ही हर्निया की शिकायत थी। जिस कारण हमलोग सर्जरी का प्लान बनाए। जिस दौरान जब हमने बच्चे से पूछा कि आप मोबाइल में क्या देखना चाहते है, तब उसने कहा कि वो गणित विषय का वीडियो देखना चाहता है। पूरे ऑपरेशन के दौरान वो मोबाइल पर गणित का वीडियो देखता रहा। ऑपरेशन सफल रहा। बच्चा नॉर्मल है। जल्द ही उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
मुजफ्फरपुर से चंदन की रिपोर्ट
