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मुजजफ्फरपुर मे दो स्कोर्पियो पर एक ही नंबर के नंबर प्लेट लगे होने पर जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। इस दौरान मौके पर लोगो की भीड़ जुट गई। इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने दोनो गाड़ी को पकड़ कर थाने ले गई। जहां गाड़ी और कागजत कि जांच करने पर यह बात सामने आया कि नंबर प्लेट प्रिंट करने के दौरान यह मिस्टेक हुई। जिसके बाद उक्त गाड़ी को छोड़ दिया गया। बताया गया कि वैशाली के गोरौल थाना क्षेत्र के बहादुरपुर के रहने वाले मो.सनाउल्लाह अपने स्कोर्पियो से एक निजी काम से मुजफ्फरपुर आये थे। यहां पुराने एसएसपी कार्यालय के पास चालक और गाड़ी को छोड़कर वह काम करने चले गए। थोड़ी ही देर बाद उनके चालक ने फोन कर बोला कि सेम नंबर प्लेट लगे एक स्कोर्पियो इधर से गुजर रहा है। जिसके बाद वह उसे रोकने की बात बोलकर वह भी वहां पहुंच गए। इस दौरान गाड़ी पर लगे नंबर प्लेट को लेकर बहस शुरू हो गई। बताया गया कि उक्त स्कोर्पियो एक निजी ट्रांसपोर्ट के माध्यम से एक थाने में चल रही थी। इस दौरान उक्त ट्रांसपोर्टर को भी बुलाया गया। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद मौके पर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने अपने साथ थाने पर ले गई। जहां दोनो गाड़ी के कागजत की जांच गई। इधर, नगर डीएसपी सीमा देवी ने बताया कि जांच के दौरान कागजत सही मिले है। नंबर प्लेट प्रिंट के दौरान यह मिस्टेक की बात सामने आई है।

एक पक्ष के मो.सनाउल्लाह का आरोप था कि वर्ष 2017 के सितंबर में उनके बड़े भाई मो.रिजवान ने एक स्कोर्पियो लिया था। जिसका नंबर प्लेट BR..PD..39 है। जबकि इसी नंबर प्लेट का एक और गाड़ी चल रहा था। इस बात की भनक उन्हें तब लगी जब वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश से एक चालान का मैसेज उनके फोन पर आया। जबकि उनका दावा था कि आज तक उनका गाड़ी उत्तर प्रदेश गया ही नही। वही चालक प्रमोद कुमार ने बताया कि वह सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर मालिक के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने उक्त गाड़ी को देखा। नंबर प्लेट से मिलान करने पर सेम नंबर मिला। जिसके बाद उन्होंने मालिक को कॉल कर यह बात बताई है।

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