February 20, 2024

प्रधानमंत्री के मन की बात शुद्ध गैर राजनीतिक, सांस्कृतिक संवाद कार्यक्रम: रविशंकर प्रसाद

पटना, 29 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोगों के मनपसंद रेडियो कार्यक्रम प्रधानमंत्री के ’मन की बात’ की चर्चा करते हुए कहा कि रविवार को इसका 100 वां संस्करण है। उन्होंने इसे दुनिया का अनोखा कार्यक्रम बताते हुए कहा कि किसी भी देश के नेता का जनता के चर्चा करना संवाद करना इसका कोई और उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा कि 2014 से प्रारंभ यह कार्यक्रम अनवरत चल रहा है।

पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाला मन की बात कार्यक्रम का 100 वां संस्करण देश में करीब 4 लाख स्थानों पर सुना जाएगा।

पीएम के ’मन की बात’ देश के लोगों की भावनाओं, संस्कृति, संस्कार को जोडा: रविशंकर

पटना साहिब के सांसद ने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र में इस कार्यक्रम को सुनने के लिए 620 स्थानों पर व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कल के दिन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम 52 भाषाओं में प्रसारित किया जाता है, जिसमें दुनिया की 11 भाषाएं भी शामिल हैं।

श्री प्रसाद ने आगे कहा कि हमें हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पर गर्व है कि इस कार्यक्रम में राजनीति का ’र’ और पालिटिक्स के ’पी’ की भी चर्चा नहीं करते बल्कि इस कार्यक्रम में राष्ट्र निर्मण, चरित्र निर्माण, देश के संस्कार, संस्कृति, पर्यावरण की चर्चा की जाती है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी बिहार की मधुबनी पेंंिटग की बहनों की चर्चा करते हैं तो अच्छे खिलाड़ी की बात करते है। फिजी में गाए जाने वाले फगुआ की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी इस कार्यक्रम के जरिए शुद्ध गैर राजनीतिक सांस्कृतिक संवाद करते हैं।

उन्होंने इस कार्यक्रम के असर की चर्चा करते हुए बताया कि हाल ही में इंडियन इंस्टीच्यूट, रोहतक के द्वारा इस कार्यक्रम का अध्ययन कराया गया, जिसमें यह बात खुलकर सामने आई कि इस कार्यक्रम को 100 करोड लोग कम से कम एक बार जरूर सुन चुके हैं। अध्ययन में यह भी बात सामने आई कि इस कार्यक्रम को 23 करोड लोगों ने नियमित रूप से देखा है, जबकि 96 प्रतिशत लोग इस कार्यक्रम से परिचित है। इस कार्यक्रम में बराक ओबामा भी आ चुके हैंे।

प्रसाद ने इस कार्यक्रम के जरिए सेलफी विथ डाउटर के लोकप्रिय होने की बात कही तो मेड इन इंडिया खिलौने, फिट इंडिया के भी कार्यक्रम के असर का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात कार्यक्रम के जरिए एक प्रकार से पूरे देश के लोगों को जोडा है, उनकी भावनाओं, संस्कृति, संस्कार, उनकी उपलब्धि के साथ दुनिया में बैठे भारतीयों को जोडा है। उन्होंने कहा कि रविवार को पटना महानगर क्षेत्र में 406 स्थानों पर मन की बात सुनी जाएगी, जिसमें डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, वकील, आम आदमी शरीक होंगे।

प्रसाद ने इसे रचनात्मक, संस्कारिक कार्यक्रम बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम वास्तव में देश के लोगों की बात, मोदी के मन की बात है। उन्होंने कहा कि यह देश की जनता की बात है लेकिन मोदी जी के मन की बात है।

उन्होंने कहा कि पटना के प्रत्येक विधानसभा में कम से कम 100 जगहों पर यह कार्यक्रम सुनी जाए, इसकी अपेक्षा की गई है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने रेडियो क्रांति को दोबारा जिंदा किया है।

उन्होंने पत्रकारों से भी इस ऐतिहासिक मन की बात कार्यक्रम सुनने की अपील की।

पटना साहिब के सांसद श्री प्रसाद ने सासाराम हिंसा के करीब एक महीने बाद भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद को गिरफ्तार करने की भर्त्सना करते हुए कहा कि एक महीने बाद सरकार को गिरफ्तार करने की याद आई। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार जी जितना ऐसे दोहरा मापदंड का काम करेंगे, जनता आपको देखती है, समय आने पर जवाब देगी।

पत्रकारों के पूर्व संासद आनंद मोहन की रिहाई को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि 23 अप्रैल को बिहार कारा हस्तक में ’काम में तैनात सरकारी सेवक की हत्या’ को विलोपित किया गया है। उन्होनंे नीतीश कुमार से सवाल करते हुए कहा कि आपकी सरकार ने यह लाया क्यों और फिर विलोपित क्यों किया।

उन्होंने कहा कि जब कोई भी कानून लाया जाता है या विलोपित किया जाता है, तो उसका कोई आधार होता है। सरकार बताए कि कानून लाया क्यों गया था।

उन्होंने कहा कि जी कृष्णैया की हत्या नृशंस दुर्भाग्यपूर्ण हत्या है। उन्होंने कहा कि हम उनके परिवार की पीड़ा के साथ हैं। उन्होनंे कहा कि जब पुलिस ने केस किया और जब लोअर कोर्ट में ट्रायल हुआ तो लालू प्रसाद की सरकार थी। इसके बाद अपील चला और सर्वोच्च न्यायालय ने सजा बहाल की तो नीतीश कुमार की सरकार थी। आखिर उस समय सरकार ने इसका विरोध क्यों नहीं किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या बिहार सरकार ने कभी कृष्णैया जी के परिवारों को मदद की गई।
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व विधायक नितिन नवीन भाजपा के वरिष्ठ नेता विधायक अरुण कुमार सिन्हा प्रदेश प्रेस पैनलिस्ट विनोद शर्मा भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सिंह अशोक भट्ट राजेश कुमार झा भाजपा पटना महानगर अध्यक्ष अभिषेक चंद्रवंशी उपस्थित थे

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